इतना सारा बतियाती है, इतना झगड़ा कर जाती है
फिर भी वो पागल लड़की मुझसे थोड़ा शर्माती है
मेरी कुछ ना चल पाती है, उसकी खिट पिट रंग लाती है
फिर भी वो पागल लड़की मुझसे थोड़ा शर्माती है
जो-जो रोको कर जाती है, मुझको हरदम तड़पाती है
फिर भी वो पागल लड़की मुझसे थोड़ा शर्माती है
गाल गुलाबी हो जाते है, आँख शराबी बन जाती है
जब जब वो पागल लड़की मुझसे ऐसे शर्माती है
इंद्रधनुष के रंग सारे चेहरे पर अपने ले आती है
जब जब वो पागल लड़की मुझसे ऐसे शर्माती है
दिल में मेरे बस जाती है, पागल मुझको कर जाती है
जब जब वो पागल लड़की मुझसे ऐसे शर्माती है
-धुआँ


