ज़ेर-ए-लब तेरा नाम ज़ब्त करते हैं

ख़्याल तेरे , मेरे सुख़न में ढलते है

करके याद लम्हा-ए-विसाल-ए-यार

अब्र-ए-अश्क़ बे मौसम बरसते है

-धुआँ



ज़ेर-ए-लब / होठो में

ज़ब्त / दबाना

सुख़न / शायरी, कविता

लम्हा-ए-विसाल-ए-यार / प्रेमी से मिलन के पल

अब्र-ए-अश्क़ / आँसू के बादल