मेरे दिल का हाल तुम उसे कहना

नहीं ढलता ये सूरज उसे कहना

चाँद रुक सा गया है उसके बिना

काटे नहीं कटता एक पल उसे कहना

तुम अगर चिल्ला कर बता सको तो बताना

वो सुनती नहीं मेरी ख़ामोशी उसे कहना

मैं अगर टूट कर बिखर जाऊँ तो भी क्या

वो आ कर समेटे मेरा मलबा उसे कहना

-धुआँ