तुझको पाने के लिए क़िस्मत से लड़ाई की है

तब कहीं हाथों की लकीरों में तू दिखाई दी है


ख़्वाब परियों के देखे हुए तो ज़माना हुआ

जब से एक रोज़ तेरी तस्वीर दिखाई दी है


तुझसे मिलने के लिए मांगी है मुद्दत से दुआ

तरस खा के तब ख़ुदा ने मेरी सुनवाई की है


क़ुबूल किया है दिल ने तेरे इश्क़ का फ़रमान

करके तुझ में क़ैद मुझे दुनिया से रिहाई दी है


दिल के बस्ते में रखी हैं किताबें तेरी यादों की

कुछ इस तरह हमने मोहब्बत की पढ़ाई की है


-धुआँ