वो जो रिश्ते के थे धागेधीरे धीरे वो खोलने लगाशिकायते करना बन्द कर दिया मैंनेजब से वो झूठ बोलने लगा
वो जो रिश्ते के थे धागेधीरे धीरे वो खोलने लगा
शिकायते करना बन्द कर दिया मैंनेजब से वो झूठ बोलने लगा