आओ तुम्हे इस रात का किस्सा सुनाते हैख़्वाब उसके, आँखो में फिर झिलमिलाते हैउसका ताल्लुक़ ख़यालो से ना होने देंगे ज़ब्तआज हम फिर से ये कसम खाते है-धुआँज़ब्त - छीनना
आओ तुम्हे इस रात का किस्सा सुनाते हैख़्वाब उसके, आँखो में फिर झिलमिलाते हैउसका ताल्लुक़ ख़यालो से ना होने देंगे ज़ब्तआज हम फिर से ये कसम खाते है-धुआँ
ज़ब्त - छीनना