प्यार मेरा शामिल है इन हवाओ में...

इश्क़ मेरा काबिज़ है इन फ़िज़ाओ में


घिर उठूंगा मैं बादल बनकर...

बरस पडूंगा मैं सावन बनकर....


मस्त पवन गालो को छूकर जायेगी...

कोई बूँद तेरे होठो पर ठहर जायेगी …


सूरज की किरणे मेरे होने का एहसास देगी…

चमकती चाँदनी, रातो में हाथ तेरा थाम लेगी ....


हर तरफ मेरा ही ठिकाना होगा...

मुझसे छुपने का कोई ना बहाना होगा…


हर तरफ मुझको ही बस पाओगी...

नज़रे चुरा कर मुझसे ना रह पाओगी…



मुझसे दूर तुम, जाओ तो कहाँ जाओगी ......


-धुआँ