कुछ बातें जो में कह नहीं पाता क्योंकि तुम सुनने के लिए मौजूद नहीं हो
वो बातें बहती हवा के हवाले हो जाती है.
वो सब बातें इन हवाओ के पास मेरी अमानत के रूप में रखी है
जब तुम्हारे पास समय होगा तो ये हवाये अपने कर्तव्य के बोझ से मुक्त हो जायेगी
तुम तक मेरी बात पंहुचा कर
-धुआँ


