मैं नहीं था कसम से, जो तुम्हारे ख़्वाबो में था

ना तुम्हारे सवालों में रहा कभी, ना जवाबो में था

मैं बिखर गया हूँ पत्ता-पत्ता, मेरा पता मत पूछो

मैं तुम्हारी किताबों में दबे गुलाबों में था

-धुआँ