अब जो बिछड़ गए शाख़ों सेढूंढोगे मुझको किन किताबों मेंचौंक कर जागा करोगे नींदों सेआया करेंगे जब हम ख़्वाबो में
अब जो बिछड़ गए शाख़ों सेढूंढोगे मुझको किन किताबों में
चौंक कर जागा करोगे नींदों सेआया करेंगे जब हम ख़्वाबो में