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रास्तों के मोड़


नादानी में इश्क़ कर गए वोअंजाम-ए-उल्फ़त से ड़र गए वो

बोलते थे कि दूर तक हम साथ चलेंगेपर पहले ही मोड़ पर ठहर गए वो

— धुआँ
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