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दूर हूँ


दूर हूँ सबसे खुद के भी नहीं पास हूँअपने अस्तित्व से भागा हुआ इंसान हूँ

सोचता हू चिल्ला कर बताऊँ अपने सन्नाटे को कभीमैं कही भी रहूँ तेरे आस पास हूँ

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