सब से नज़रे बचाते चले आओज़रा छुपते छुपाते चले आओओढ़ कर घटाओं के पर्दे कोचाँद आधा दिखाते चले आओचिराग़-ए-दिल है रोशन इंतज़ार मेंहम है पलकें बिछाते चले आओ
सब से नज़रे बचाते चले आओज़रा छुपते छुपाते चले आओ
ओढ़ कर घटाओं के पर्दे कोचाँद आधा दिखाते चले आओ
चिराग़-ए-दिल है रोशन इंतज़ार मेंहम है पलकें बिछाते चले आओ