इन आँखो के समुन्द्र मे उतर जाने दे
आज इस दिल को बहक जाने दे
तेरी चाहत मे मरना भी है कबूल
तू अभी जीने के कुछ बहाने दे
तेरी हथेली पर सितारे रख दू
गर ख़ुदा मुझे आसमां तक हाथ उठाने दे
-धुआँ


इन आँखो के समुन्द्र मे उतर जाने दे
आज इस दिल को बहक जाने दे
तेरी चाहत मे मरना भी है कबूल
तू अभी जीने के कुछ बहाने दे
तेरी हथेली पर सितारे रख दू
गर ख़ुदा मुझे आसमां तक हाथ उठाने दे
-धुआँ