अन्तिम विदा's image
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सांझ हो रही है,

दिशाएं शांत हो रही


एक झींगुर की आवाज़

सांझ की शून्यता को

चीरती हुई पहुंच रही है मेरे कानों तक


बारिश के बाद मेंढकों का एक झुंड

उत्सव मनाकर शांत हो चुका है


कोयल घोसले से

चुपचाप झांक रही,


बनमुर्गियों की आवाज़

गुम हो रही इस सांझ के बेला में ,


मेरी गाय रस्सी तोड़ कर

भाग गई है


जिसे बांध कर रखा था, खुटे से


बारिश और आंधी के बीच

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