गुज़र जाएगा, गुज़र जाएगा, 

बस कुछ देर और …..

कम हो रहे हैं मोती माला में से, 

उतनी की उतनी हैं उम्र की डोर…


आस पास बहुत थे चेहरे साथ 

कुछ रहे कुछ के छूट गए हाथ 

यादों का पंछी करता है बहुत शोर 

गुज़र जाएगा, गुज़र जाएगा, 

बस कुछ देर और …..


ठंड हैं बहुत रिश्ते ठिठुर रहें हैं 

कोशिश करते बहुत बिखर रहें हैं 

धुँध है बहुत दिखता नहीं छोर 

गुज़र जाएगा, गुज़र जाएगा, 

बस कुछ देर और …..


जाने को है बस इक्कीसवाँ साल 

लगने को बाईसवाँ सावन कमाल 

होगा सब अच्छा होगा नई भोर 

गुज़र जाएगा, गुज़र जाएगा, 

बस कुछ देर और …..


दिसम्बर आया था बस जाने को है 

जनवरी हमें आया बुलाने को है 

बहुत मिला पर दिल माँगे मोर 

गुज़र जाएगा, गुज़र जाएगा, 

बस कुछ देर और …..


माँगता सबकी ख़ुशी और सलामती 

हो जाएँ क़बूल सब दुआएँ करामाती 

हो जाए ख़त्म अब इस बीमारी का ज़ोर 

गुज़र जाएगा, गुज़र जाएगा, 

बस कुछ देर और …..