ना इल्म से ना तालीम से नापेगी, ना मोह्ब्बत ना इख्लाख से नापेगी, ना एहतराम के ढ़ंग ना ईमान से नापेगी... ये दुनिया है तेरे किरदार की बुलंदी तेरे ओहदे तेरी हेसियत से नापेगी.