यादें हमारी जो भी हों बस सुखद होनी चाहिए
थोड़ी हों या ढेर सी ,बस मधुर होनी चाहिए
वक़्त चाहे हो बुरा बस मुस्कुरा के जी लें हम
याद जब भी करें, बस मुस्कान आनी चाहिए
ज़िन्दगी ज़िन्दा-दिली के तौरो- तरीक़े से जियें
ज़िन्दगी थोड़ी सही, बस खुशनुमा सी चाहिये
उधेड़बुन में,परेशानियों में गुज़र जाती है ज़िन्दगी
झोपड़ी हो या महल हो बस प्यार होना चाहिए

