ज़िन्दगी ज़िन्दा-दिली के तौरो- तरीक़े से जियें
ज़िन्दगी थोड़ी सही, बस खुशनुमा सी चाहिये
यादें हमारी जो भी हों बस सुखद होनी चाहिए
थोड़ी हों या ढेर सी ,बस मधुर होनी चाहिए
वक़्त चाहे हो बुरा बस मुस्कुरा के जी लें हम
ये वक्त याद आए जब,बस मुस्कान आनी चाहिए
उधेड़बुन में,परेशानियों में गुज़र जाती है ज़िन्दगी
झोपड़ी हो या महल हो बस प्यार होना चाहिए
खुशियां तमाम मौज़ूद हैं दिल की परतों में हमारे
वक़्त रहते परतों को बस खोल देना चाहिए
जितना भी बांटते हैं हम,लौट कर आती है खुशियां
थोड़ी अपने पास रख,बाकी बांट देनी चाहिए
खुशियां है तो सेहत है,सेहत है तो है जिंदगी,
हर छोटी बड़ी खुशी बस भरपूर जीनी चाहिए
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