हम तो बस ऐसे ही हैं हम
न ज्यादा जीत की ख़ुशी
न हार का कभी कोई गम
न जीत में कोई शोर गुल
न हार में कभी आंख नम
हम तो बस ऐसे ही हैं हम
न खुशियाँ कभी रहेंगी सदा
न हमेशा साथ होगा गम
खुशी से हम जीते हैं गम
खुशियों से भी हैं हमकदम
हम तो बस ऐसे ही हैं हम
मेरी हो या तेरी खुशी
तेरा हो या मेरा गम
हम बांट कर जियें अगर
खुशियां कभी न होंगी कम
हम तो बस ऐसे ही हैं हम

