समझा था मैंने ख़ुदा का नूर उसेचाहा था मैंने बड़ी शिद्दत से उसेपर कहाँ है समझने वाले ऐसेऔर कहां निभाने वाले ऐसेझूठी थी तस्वीरें उनकीऔर झूठे थे फ़साने उनके ।।
समझा था मैंने ख़ुदा का नूर उसेचाहा था मैंने बड़ी शिद्दत से उसे
पर कहाँ है समझने वाले ऐसेऔर कहां निभाने वाले ऐसे
झूठी थी तस्वीरें उनकीऔर झूठे थे फ़साने उनके ।।