रात का अंधेरा...कितना गहरा,दीये की लौ का उजाला..कितना पावन,चांद की चांदनी...कितनी शीतल,हवा की लहर...कितनी कोमलऔरमन...कितना गहराकितना पावनकितना शीतलकितना कोमल..!!
रात का अंधेरा...कितना गहरा,
दीये की लौ का उजाला..कितना पावन,
चांद की चांदनी...कितनी शीतल,
हवा की लहर...कितनी कोमल
औरमन...कितना गहराकितना पावनकितना शीतलकितना कोमल..!!