रात का अंधेरा...

कितना गहरा,


दीये की लौ का उजाला..

कितना पावन,


चांद की चांदनी...

कितनी शीतल,


हवा की लहर...

कितनी कोमल


और

मन...

कितना गहरा

कितना पावन

कितना शीतल

कितना कोमल..!!


#Vidyaश्री