Poetry 1 min read 790.5K reads

मन


रात का अंधेरा...कितना गहरा,

दीये की लौ का उजाला..कितना पावन,

चांद की चांदनी...कितनी शीतल,

हवा की लहर...कितनी कोमल

औरमन...कितना गहराकितना पावनकितना शीतलकितना कोमल..!!

— #Vidyaश्री
Read more Earn more Learn more