ये लम्हें ठहर जाए यहींरेत की तरह फिसल ना जाए कहींरोक सको तो रोक लो इन्हेंफ़िर ना ये मंज़र आए कभीगुजर जातें हैं ये लम्हें यूंहीबाद याद आतें हैं कहीं।।
ये लम्हें ठहर जाए यहींरेत की तरह फिसल ना जाए कहींरोक सको तो रोक लो इन्हेंफ़िर ना ये मंज़र आए कभी
गुजर जातें हैं ये लम्हें यूंहीबाद याद आतें हैं कहीं।।