जब से लगी हैलगन मोहेना भाए मन कोकुछ औरतेरे ही नयन में बसेप्राण मेरे वासुदेव!!
जब से लगी हैलगन मोहेना भाए मन कोकुछ और
तेरे ही नयन में बसेप्राण मेरे वासुदेव!!