दहशत ही दहशत है चारों ओर
पर हिम्मत पर है किसका ज़ोर
ना डरना
ना घबराना
उम्मीदों का दामन है थामना
गुज़र जाएगा यह दौर भी
लौट आएगा नया कल भी
फिर से महकेगी ये हवा
फ़िर से खिल खिलाएगा ये जहां।।
#Vidyaश्री


दहशत ही दहशत है चारों ओर
पर हिम्मत पर है किसका ज़ोर
ना डरना
ना घबराना
उम्मीदों का दामन है थामना
गुज़र जाएगा यह दौर भी
लौट आएगा नया कल भी
फिर से महकेगी ये हवा
फ़िर से खिल खिलाएगा ये जहां।।
#Vidyaश्री