कभी लें आएं कुछ

फुटपथों से

चौराहों से

और कहीं

छोटी दुकानों से

पूरे हो जाएं शायद कुछ अरमान उनके।


नहीं चाहिए किसी को भीख या दया का भाव

चाहिए स्वाभिमानी को बस मेहनत का हिसाब

करदें पूरी कभी यूंही उनकी उम्मीदें 

जी लेने दें उनको भी खुशी से।।


#Vidyaश्री