बेशक...ये रात अंधेरी हैछाई चारों तरफ़ खामोशी है,तन्हा सा है समां सारारात भी कर रही है जैसेइंतजार सवेरे का...!!
बेशक...ये रात अंधेरी है
छाई चारों तरफ़ खामोशी है,तन्हा सा है समां सारा
रात भी कर रही है जैसेइंतजार सवेरे का...!!