जब संभलते-संभलते दिल फिसल जायेंबेमौसम बादल बारिश में बदल जायेंहमें संभालने जो तुम आ जाओ तो फिरमरते - मरते हमारे प्राण संभल जायें।।
जब संभलते-संभलते दिल फिसल जायेंबेमौसम बादल बारिश में बदल जायें
हमें संभालने जो तुम आ जाओ तो फिरमरते - मरते हमारे प्राण संभल जायें।।