जब संभलते-संभलते दिल फिसल जायें
बेमौसम बादल बारिश में बदल जायें
हमें संभालने जो तुम आ जाओ तो फिर
मरते - मरते हमारे प्राण संभल जायें।।
~विक्की कुमार


जब संभलते-संभलते दिल फिसल जायें
बेमौसम बादल बारिश में बदल जायें
हमें संभालने जो तुम आ जाओ तो फिर
मरते - मरते हमारे प्राण संभल जायें।।
~विक्की कुमार