जिनके पसीने से लथपथ थे पग वहीं है पिता हमारे

जिनके रक्त से उज्ज्वल हुआ जग वहीं है पिता हमारे

पिता स्वयं शिव, नारायण, ब्रह्मा के अवतार में पधारे

जिनके होने से ही संसार जगमग वहीं है पिता हमारे।।

~विक्की कुमार