तुम्हारे आँखों में आए जो आँसू,
तो ये माद्दा रखते हुए
कि दुनिया जला दूँ,
मैं चाहता हूँ तुम रोती रहो,
क्योंकि मैंने पाया है
रो लेने के बाद,
तुम,
दुनिया को थोड़ा और समझ लेती हो,
और ये समझती हो कि
तुमसे ही तुम्हारी दुनिया है,
वरना ये दुनिया कुछ भी नहीं,
किसी की नहीं,
तुम्हारी इस समझदारी से
थोड़ा और बढ़ जाता है मेरा प्रेम,
मुझे तुम रोती हुई
और भी लगने लगती हो ख़ूबसूरत।
- विक्की आनंद 'कैप्टन'
