मिले हैं अस्थियों के सुराख़,

यहाँ इंसान जले होंगे!


एक भीड़ रही होगी कोई,

एक राजा रहा होगा,

एक मंच सजा होगा,

कोई भाषण हुआ होगा,

ऐसे नहीं सब झुण्ड में मरे होंगे,

कोई आयोजन रहा होगा, कोई रैली रही होगी।


-विक्की आनंद (कैप्टेन)