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माफ़ी


उसने उस कड़ी से,जो जीवन की श्रृंखला में आखिरी थी,

पलट कर देखा,और माफ़ कर दिया सबको,

उस क्षण मैंने महसूस किया,यीशु, इस धरा पर आख़िरी दिव्य शक्ति नहीं थे।

— विक्की आनंद (कैप्टेन)
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