क्या हुआ, परिन्दे घर को ख़ाली हाथ जो लौटे!मुझे तो शौक़ था, छत से परिन्दे लौटते देखूं।
क्या हुआ, परिन्दे घर को ख़ाली हाथ जो लौटे!
मुझे तो शौक़ था, छत से परिन्दे लौटते देखूं।