प्रेम और आनंद के बीच,न देख पाना,दुनियाँ की तकलीफ़,झूठी ख़ुशी है।
प्रेम और आनंद के बीच,न देख पाना,
दुनियाँ की तकलीफ़,झूठी ख़ुशी है।