नगर के शहीद द्वार और चौक के बीच

कुछ कुत्ते रहते हैं, ब्रीड तो पता नहीं,

पर वो इसबार भी झुण्ड में थे,

वैसे ही भौं-भौं करते,

मन की बात में खुद का जिक्र सुनके ख़ुशी में झूम उठे थे शायद, या अपनी तुलना किसी से होने पर।


वो सारे कुत्ते पता नहीं क्यों तख़्ती लेके आये थे जिसपर लिखा था "Studentslivesmatter" ।



-विक्की आनंद (कैप्टेन)