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Lucknow HORN OKPoetry1 min read

तुम्हारी यादें

VicharVichar November 17, 2021
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तुम्हारी यादें

उतरे हुए कपड़ों को समेट का रख रहा हूँ
कुछ तो फटे हैं पर,
ज्यादातर मैंने संभाल कर

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