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कह न सके


किसी के दिल मे रहना थाधड़कन बन गुनगुनाना था

किसी के बालों को सहलाते हुएताउम्र बिताना था

ये सोचते रह गए बिना अल्फाजों केमेरी निगाहों में तुम्हारा ठिकाना था।

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