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छद्म दुनिया


ये झूठा संसार, दिखावटी श्रृंगार इज़्ज़त पाने निकला गरीब कामगार अरे! यहाँ तो सब पैसे के पुजारी हैं इंसान नहीं जनाब ये दौलत के भिखारी हैं।

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