Poetry 1 min read 324.2K reads

काशी देखेंगे सनम


कह रहा है दिल कि वापिस घाट देखेंगे सनमयानी फ़िर से हम काशी देखेंगे सनम,

सुबह ए बनारस और शाम ए बनारस देखेंगे,हम तुम्हारे संग अस्सी घाट घूमेंगे सनम।।

Read more Earn more Learn more