तजकर नफरतें दिल से, परचम-ए-प्रीत लहराएं ।

लगाकर शत्रु को सीने, चलो अब मीत हो जाएं ।

दमनकर जग में कुंठा, ईर्ष्या, और आज के रावण ।

बनकर वीर अच्छे की, बुरे पर जीत करवाएं ।

~ वीरेन्द्र पटेल ‘वीर'


आप सभी को दशहरे की हार्दिक शुभकामनाएं ।