माँ क्या होती है........
निषेचन के आठ सप्ताह बाद
जब हम भ्रूण बने तो वो पहली बेचैनी,
वो जी का मिचलना,
वोपेट का भारीपन
सब कुछ सह लिया
खुशी खुशी हमारी आश में।
जब हम गृभस्थ शिशु हुए
तो अपना रक्त हमें देकर,
मेरी हाड़, मांस और मस्तिष्क
को बढ़ाया है, मेरी धड़कनों
को बनाया है, अपना दर्द सहकर
हमें नव माह अपने गर्भ मे पाला है
मौत तुल्य दर्द को मात देकर
हमें इस दुनिया मे लाया है।
महेंद्र Viक्रम✍️


