तुमने तो कहा था कि तुम याद बहुत आओगे , 

फिर क्या बात है जो तुम याद करते नहीं,

तुमने तो कहा था कि तुम बहुत मुझको रुलाओगे,

 फिर क्या बात है कि कभी याद के आंसू तुम्हारी आंखों से आते नहीं,

तुमने तो कहा था कि तुम्हारे बिना जिंदगी न जाने कैसी होगी, 

फिर क्या बात है कि जिंदगी में तुम दोबारा आते नहीं।

तुमने तो कहा था कि मेरी जिंदगी में तुम चाय में शक्कर की तरह घुले हुए हो ,

तो फिर क्या बात है कि फीकी चाय का स्वाद लिए जा रहे हो,

मैं तो कहता था कि मैं तुम्हें कभी याद ना आऊंगा,

एक बुरे हादसे की तरह तुम्हारी जिंदगी से गुजर जाऊंगा,

तुम कहती थी नहीं कभी वह दिन नहीं आएगा,

तो फिर क्या बात है कि दिन महीने साल गुजरते जाते हैं ,

और हम तुमको याद भी नहीं आते हैं।।