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एक शहर के दो मौसम...


एक शहर के दो मौसम हैं,एक तुम्हारी गली का एक मेरी गली का,एक गली में पानी बरस रहा है, एक गली में बादल रो रहा है¡एक ख्वाब के दो आलम हैंएक जाग रहा है एक सो रहा है।।

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