जब कोई मासूम बच्चा
बारिश में भीगना चाहता हो
उसे रोको मत।
कल यहां भी बारिश हुई,
वह गया सड़कों पर पुराने सरकारी गड्ढों के पास
देखना चाहता था अपना प्रतिबिंब बहते हुए पानी में
सैर करना चाहता था अपने एक फुट के जहाज में
छूना चाहता था उस स्वच्छंदता के स्वरूप को।
तभी पीछे से आवाज़ आई "वापस आओ!"
यद्यपि किसी ने यह नहीं देखा कि
उस फटकार ने अनजाने में
एक सृजनात्मक जिज्ञासा की वहीं हत्या कर दी।
हम सब या तो हत्यारे हैं
या सदियों से इसी हत्या के शिकार हैं।


