कुछ दर्द अधूरे ही रह गएकुछ जख्म पूरे ही न हुएखो दिया मैने खुद कोउसको तलास में...समेट सारे गम खुद केअंदर, हम मुसाफिर हो गए।@Vasundhara rajak
कुछ दर्द अधूरे ही रह गएकुछ जख्म पूरे ही न हुए
खो दिया मैने खुद कोउसको तलास में...
समेट सारे गम खुद केअंदर, हम मुसाफिर हो गए।@Vasundhara rajak