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Khwab


कुछ दर्द अधूरे ही रह गएकुछ जख्म पूरे ही न हुए

खो दिया मैने खुद कोउसको तलास में...

समेट सारे गम खुद केअंदर, हम मुसाफिर हो गए।@Vasundhara rajak

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