बड़े मियाँ की क्या पहचान? छोटा-सा मँुह, लंबे कान! मूँछ नुकीली, ऐनक गोल, डिब्बे-सा मुँह देते खोल, पिच्च-पिच्च कर थूकें पान! यों तो नाक सुपाड़ी-सी, बजती छुक-छुक गाड़ी-सी, लेते सिर पर चादर तान! कहीं ईद, बैशाखी है, होली, क्रिसमस, राखी है, सबके साथ मिलाते तान! बड़े मियाँ अच्छे इनसान, यही सही उनकी पहचान, मिलें आपको, रखना ध्यान!