​तेरे साथ हूँ तो कुछ हूँ, तेरे बिना कुछ नहीं,
तेरी याद के साथ खुश हूँ, तेरी बात के बिना मैं कुछ नहीं।
​सहेज के रखता हूँ तेरी निशानियों को,
लगता है ऐसे, इनके बिना मैं कुछ नहीं।
​तू साथ है तो सब कुछ है, बाकी तेरे बिना...
तुझे तो है खबर, तेरे बिना सब कुछ हो, तब भी कुछ नहीं।
​— वासु