अश्क बहते हुए रुकते नहीं अब,दिल भी रोता है, चुप होता नहीं अब।लौट जाना चाहता हूँ पुरानी राहों पर,क्या करूँ, कदम पीछे हटते नहीं अब।"
अश्क बहते हुए रुकते नहीं अब,दिल भी रोता है, चुप होता नहीं अब।
लौट जाना चाहता हूँ पुरानी राहों पर,क्या करूँ, कदम पीछे हटते नहीं अब।"