तुम आना,

एक बार ही सही,

मगर आना,

कोई भी बहाना बनाकर आना,

मगर आना,

मेरी याद आए तो,

अपने नाम कि हिचकी मत लाना,

तुम आना।

बहुत मिले हैं ख्वाबों में तुमसे,

मगर इस बार तुम ख्वाबों में नहीं,

हकीकत में आना।

जाने के इरादे से आना चाहोगे,

तो भी आना,

मगर बस एक बार,

जरूर आना।

कुछ देर के लिए ही सही,

मगर आना।

राह चलते,

किसी प्रेमी जोड़े को देखकर,

यदि तुम्हें हमारा रिश्ता याद आए,

तो फ्लैशबैक में मत जाना,

तुम बस मेरे पास चले आना।

कभी मन करे,

मुझसे बात करने का,

तो फ़ोन उठाकर,

यह सोचने में समय मत बर्बाद करना,

कि काॅल करूं या नहीं,

क्योंकि मुझे पता है,

बहुत सोचने के बाद भी,

तुम आखिर में काॅल नहीं करोगे,

इसलिए तुम कुछ न सोचना,

बस चले आना।

कभी पढ़ते पढ़ते,

मेरा ख्याल आए,

तो कागज़ से मेरी बातें,

मत करने लगना,

और न ही फिर,

उसको शायरी का नाम देना,

इस बार तुम खुद आना,

सारी बातें तुम खुद,

आकर मुझे बताना,

शायरी भी करनी हो,

उसके लिए भी तुम आना।

मेरे दोस्तों से,

मेरा हाल तुमने बहुत जान लिया,

मगर इस बार मेरा हाल जानने तुम खुद आना।

अपनी शादी की खबर देनी हो,

उसके लिए भी आना,

मुझे बुरा लगेगा,

मगर यह खबर देने भी तुम खुद आना,

तुम आना,

रूकने के लिए नहीं,

वापस लौट जाने के लिए आना।

मेरे आंसू पोंछने के लिए नहीं,

मुझे और आंसू देने के लिए तुम आना।

तुम आना,

इसलिए नहीं कि मैं तुमसे दोबारा इश्क़ करना चाहती हूं,

तुम आना,

क्योंकि तुम्हारे आने से मैं जाऊंगी,

मेरी सांसें जो अटकी हुई है,

तुम्हारे न आने पर,

उन्हें आज़ाद करने के लिए आना,

तुम आना,

मुझे विदा करने के लिए।

मुझे आसमां का तारा

बनने के लिए तुम आना,

तुम आओगे न?