कह दो ना माँ, तुम चाहती हो मुझे। कह दो, जब मैं पहला कदम रखुंगी इस दुनिया मे, हमारा परिवार मेरा स्वागत करेगा। मुझे सबसे पहले देखने को सब उत्सुक होंगे। तुम पापा के साथ मिलकर, मेरा माथा चूँमोगी। दादाजी-दादीजी मेरी नन्ही उन्गलियों को सहलाऐंगे, नाना-नानी गोद मे खिलाऐंगे। उस दिन मैं शायद रो रही होंगी। पर अपने परिवार की बाहों में, मेरी आत्मा उस दिन सबसे ज्यादा खुश होगी। जैसे भैया का स्वागत किया था, मेरा भी वैसे ही स्वागत करोगी ना माँ?? सबकी बुरी नज़र से बचाने को लाख जतन करोगी और खुद ही कह उठोगी, कही मेरी ही नज़र ना लग जाए इसे।। भैया मुझे शान से उठाके, अपने दोस्तों को चिढ़ाऐंगे। मेरे लिए नऐ कपड़े, नऐ-नऐ खिलौने लाए जाऐंगे। जब मैं घुटनों के बल चलने लगुंगी, तुम नित नए जतन कर के, मुझे लालसा देकर अपने पास बुलाओगी। जब मेरे दांत आने लगेंगे, वह मेरे बहुत मुश्किल भरा समय होगा। पर तुम अपनी ममता मुझपर न्यौछावर करदोगी। मुझे तकलीफ का ज़रा भी अहसास नही होने दोगी। जब मै खड़ी होने की कोशिश करूंगी, तुम मुझे अपनी उंगली का सहारा दोगी। और जब मै गिरने लगुंगी, मेरा हाथ थाम लोगी। जब मै पहली बार माँ बोलुंगी, तुम खुशी से रो पड़ोगी। मुझसे बार बार बुलवाओगी और गले से लगा लोगी। माँ, जब मैं बड़ी हो जाऊँ, स्कूल जाने योग्य हो जाऊँ, क्या भैया की तरह मुझे भी अच्छे स्कूल में डालोगी?? मुझे पढ़ाओगी,सपने दिखाओगी, नित नई कहानियाँ सुनाकर, मेरा उत्साह बढ़ाओगी। और जब टीचर से मेरी तारीफ सुनोगी, मुझे फिर से गले लगालोगी। और खुशी से सबको बताओगी। मुझे अपने पैरों पर खड़े करने के लिऐ, परिवार से लड़ जाओगी। माँ, जब मै बड़ी हो जाऊँ, दुनिया को समझना चाहूँ, तुम मेरी सबसे अच्छी सहेली बन जाओगी। अपनी कहानियाँ सुनाकर , मुझे जीवन की दिशा दिखाओगी । मुझे बेटी होने का मतलब समझाओगी। अपनी हिफाज़त करना सिखाओगी। अपने राजकुमार के सपने देखना सिखाओगी, और ऐक दिन अपनी लाड़ली को विदा करदोगी, उसके सपनो के राजकुमार के साथ । और तुम अकेले रह जाओगी। इंतज़ार करोगी मेरे मिलने आने का, और जब आऊंगी, वैसे ही स्वागत करोगी, जैसा मेरे जन्म लेने पर किया था।। कह दो ना माँ तुम मुझे ऐसे ही चाहोगी ऐसे ही चाहोगी ना माँ?????